Monday, November 09, 2015

शुभ दिपावली

ॐ असतो मा सद्गमय । 
तमसो मा ज्योतीर्गमय ।।
मृत्योरमा अमृतम गमय ।
ॐ शांती शांती शांतीः ।।

हे ईश्वर,
   हमे असत्य से सत्य कि ओर ले चलना।
   हमे अंधकार से ऊजाले कि ओर ले चलना।
   हमे मृत्यु से अमरत्व कि ओर ले चलना।
   और हमे शारिरिक, मानसीक और अध्यात्मीक शांती प्रदान करना।

Om Asato Ma Sad Gamaya
Tamaso Ma Jyotir Gamaya
Mrityor Ma Amritam Gamaya
Om Shanti Shanti Shanti
Lead us from untruth to truth
From darkness to light
From death to immortality
Om Peace Peace Peace.

हमारा भौतीक जिवन कभी ना कभी नष्ट होनेवाला है ईसलिये वह असत्य है। और हमाराअध्यात्मीक स्वरूप अविनाशी प्रकाशमय ऊर्जा है, ईसलिये वह सत्य है।
हमे असत और अंधकार रूपी भौतीक जिवन से मुक्ती मिले और सत, प्रकाशमय, चिरंतन अध्यात्म कि प्राप्ती हो। ईससे हमे शारिरिक, मानसीक और अध्यात्मीक शांती प्राप्त होकर हमे अमरत्व कि प्राप्ती हो।
दिपावली हमे एकसाथ सत्य और असत्य दोनो का दर्शन कराती है। अंदरसे सत्य, चिरंतन स्वयंप्रकाश का दर्शन और बाहरसे असत्य और अंधकारमय भौतीकता का प्रदर्शन ।
दिपावली का त्यौहार हमारा अध्यात्मीक विकास मनाने का यानी अंदर एक एक दिप जलाकर स्वयंप्रकाशी होने का त्यौहार है।
बाहर असत्यका प्रदर्शन करते करते हमे एक दिन हमारे अंदर स्वयंका अध्यात्मीक प्रकाश स्वरूपका दर्शन करना है। यहि दिपावली का सहि मकसद है।

|| शुभ दिपावली । Happy Deepavali ||

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